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प्रस्तुतकर्ता
Karupath
को
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सूर्योपासना का यह पर्व अत्यंत प्राचीन है। महाभारत काल में माता कुंती ने सूर्योपासना के द्वारा अत्यंत तेजस्वी पुत्र कर्ण की प्राप्ति की थी। इससे भी पूर्व इस व्रत को च्यवन मुनि की पत्नी सुकन्या ने अपने जराजीर्ण पति के लिए किया था।
यह बातें ज्योतिषी पं. शरदचंद्र मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि स्कन्द पुराण के अनुसार राजा शर्याति की प्रिय कन्या सुकन्या अपने पिता के साथ सैनिकों सहित वन में गई और वहां अपनी सखियों सहित उपवन में क्रीड़ा करते हुए वहां तपस्यारत च्यवन मुनि के दोनों नेत्रों को फोड़ दिया। जिसके फलस्वरूप राजा शर्याति व उनके सैनिकों पर भारी विपत्ति आई। अस्वस्थ हो सभी मरणासन्न की स्थिति को प्राप्त होने लगे। च्यवन मुनि से क्षमा याचना कर उनका अभिप्राय जानकर राजा ने अपनी पुत्री सुकन्या का विवाह उनसे कर दिया। अंधे, अस्वस्थ अपने पति को प्राप्त कर वह अश्विनी कुमारों का आवाहन कीं और उनकी प्रेरणा से 12 वर्ष तक सूर्य षष्ठी व्रत का पालन कीं। इस व्रत के प्रभाव से च्यवन मुनि को नेत्र ज्योति प्राप्त हुई और वे वृद्धावस्था से युवावस्था को प्राप्त हो गए। मान्यता है कि भगवान राम ने अपने राज्याभिषेक के उपरान्त माता सीता सहित इस व्रत को किया था। यदि कोई इस व्रत को नियमपूर्वक 12 वर्ष तक करता है तो वह सौभाग्यशाली हो जाता है।
key word: surya shsshti vart
यह बातें ज्योतिषी पं. शरदचंद्र मिश्र ने कही। उन्होंने कहा कि स्कन्द पुराण के अनुसार राजा शर्याति की प्रिय कन्या सुकन्या अपने पिता के साथ सैनिकों सहित वन में गई और वहां अपनी सखियों सहित उपवन में क्रीड़ा करते हुए वहां तपस्यारत च्यवन मुनि के दोनों नेत्रों को फोड़ दिया। जिसके फलस्वरूप राजा शर्याति व उनके सैनिकों पर भारी विपत्ति आई। अस्वस्थ हो सभी मरणासन्न की स्थिति को प्राप्त होने लगे। च्यवन मुनि से क्षमा याचना कर उनका अभिप्राय जानकर राजा ने अपनी पुत्री सुकन्या का विवाह उनसे कर दिया। अंधे, अस्वस्थ अपने पति को प्राप्त कर वह अश्विनी कुमारों का आवाहन कीं और उनकी प्रेरणा से 12 वर्ष तक सूर्य षष्ठी व्रत का पालन कीं। इस व्रत के प्रभाव से च्यवन मुनि को नेत्र ज्योति प्राप्त हुई और वे वृद्धावस्था से युवावस्था को प्राप्त हो गए। मान्यता है कि भगवान राम ने अपने राज्याभिषेक के उपरान्त माता सीता सहित इस व्रत को किया था। यदि कोई इस व्रत को नियमपूर्वक 12 वर्ष तक करता है तो वह सौभाग्यशाली हो जाता है।
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