प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी राजनीति

भारतवर्ष की जन्म कुण्डाली व वर्ष कुण्डली के अनुसार आने वाला वर्ष भारत के लिए सुखद दिख रहा है। लग्न कुण्डली में लग्नेश शुक्र, भाग्येश योगकारक शनि की युति तृतीय स्थान में तथा वहीं अन्य ग्रहों की युति के साथ सूर्य और सूर्य महादशा में शनि अंतर्दशा जो 18 जून 13 तक है, सुखद दिख रहा है। अर्थात राजनीतिज्ञों के कारण देश प्रगति करेगा। वैभव-संपत्ति बढ़ाने में प्रधानमंत्री का विशेष योगदान रहेगा लेकिन आम जनमानस सरकार से संतुष्ट नहीं रहेगा।
सूर्य महादशा के कारण भारत का यश फैलेगा, विश्व पटल पर भारत अपना महत्वपूर्ण व गरिमामय स्थान बना पाने सफल होगा। पर शनि की अंतर्दशा व योगों के कारण भारत सरकार प्रजा को खुश रखने में सफल नहीं रहेगी। इसी बीच शनि न्यायप्रिय ग्रह होने के कारण पापाचारियों को उनके कर्मानुसार दंड दिलाएगा। जिन अपराधियों की सजा लंबित है वह जून के पहले मिल सकती है। छोटे नेताओं, सांसद व विधायकों से अपराधियों के रिश्ते उजागर हो सकते हैं, देश में घोटालों की संख्या बढ़ सकती है। आतंकी घटनाओं में घिरा पड़ोसी देश संबंध तो गहरा दिखाएगा लेकिन उसका मन साफ नहीं रहेगा। सूर्य महादशा व शनि अंतर्दशा अर्थात 18 जून 13 तक अपना पूरा प्रयास करने के बाद भी सफल नहीं हो पाएगा। अर्थात आतंकी घटनाओं के लिए सूचनाएं तो मिलेंगी पर कोई बड़ी घटना अंजाम तक नहीं पहुंचेगी।
वर्ष कुण्डली धनु लग्न की है जिसका स्वामी गुरु है जो केतु के साथ छठें भाव में बैठा है जो शत्रु व रोग को समाप्त करेगा अर्थात स्वस्थ भारत का उदय नए वर्ष में होगा। इस वर्ष तीन ग्रहण लगेंगे जिसमें से मात्र एक वह भी अल्प समय के लिए अर्थात मात्र 31 मिनट ही भारत में दिखेगा, इससे व अन्य ग्रह योगों के कारण 2013 की राजनीतिक स्थितियां काफी उथल-पुथल के बाद भी स्थिर रहेंगी। सूर्य महादशा में बुध का अंतर प्रारंभ होते ही 18 जून 13 के बाद बुद्धिजीवी राजनीति में प्रवेश करेंगे। नए राजनीतिज्ञों के कारण भारत की तस्वीर बदलती नजर आएगी। यह बदलाव सभी प्रकार से भारत के लिए प्रगतिशील होगा। आने वाली पार्टी, धार्मिक, बुद्धिजीवी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
भारत की कुण्डली में वर्ष लग्न दशा के कारण किसी धार्मिक पार्टी की छवि अच्छी बनेगी। उसका यश बढ़ेगा और उसकी कार्यशैली से जनता खुश होगी। सूर्य दशा संकेत करती है कि क्षत्रिय वर्ग के सहयोग से ऐसी पार्टी का ग्राफ ऊंचा उठेगा।
ज्योतिषाचार्य डॉ. धनेश मणि त्रिपाठी
सर्वे भवन्तु सुखिन:, तारामंडल
देवरिया बाईपास, गोरखपुर

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टिप्पणियाँ

  1. बहुत अच्छा लगा.
    कहीं तो देश के विषय में सकारात्मक सूचना मिली.

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