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प्रस्तुतकर्ता
Karupath
को
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‘मकर संक्रान्ति’ के अवसर पर श्रीगोरखनाथ मन्दिर गोरखपुर का ऐतिहासिक खिचड़ी मेला 14 जनवरी 2013 दिन सोमवार से प्रारम्भ होगा। श्रद्घालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुये व्यवस्था की जा रही है। हमारा प्रयास होगा कि 10 जनवरी तक सभी तैयारी पूरी कर दी जायं।
पौष शुक्ल तृतीया दिन सोमवार दिनांक 14 जनवरी, 2013 को दिन में 12.55 मिनट पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रान्ति का पुण्यकाल 8 घण्टे पूर्व तथा 8 घण्टे पश्चात् तक रहेगा। इस प्रकार निर्विवाद रूप से 14 जनवरी, 2013 को ही ‘मकर संक्रान्ति’ का पर्व मनाया जायेगा। इसके साथ ही शिवावतार भगवान गोरखनाथजी की पावन साधना स्थली श्रीगोरखनाथ मन्दिर में 1 माह तक लगने वाला मेला भी प्रारम्भ हो जायेगा। 1 माह तक चलने वाले इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक मेले में 22 जनवरी को बुढ़वा मंगलवार के अलावा 26 जनवरी, 27 जनवरी, 29 जनवरी, 30 जनवरी, 10 फरवरी को मौनी अमावस्या तथा 15 फरवरी को बसंत पंचमी पर मन्दिर और मेला परिक्षेत्र में विशेष भीड़ होगी। मेले की व्यवस्था को सकुशल सम्पन्न कराने की दृष्टि से श्रद्घालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जहां इस अवसर पर मन्दिर प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की जा रही है वहीं प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन सहित जन सुविधा प्रदान करने वाली जिम्मेदार संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर इस सम्पूर्ण आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 27 दिसम्बर, 2012 को प्रथम बैठक सम्पन्न हो चुकी है। 7 जनवरी को पुन: दूसरी बैठक होगी जिसमें सभी कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के बारे में सबकी जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
योगी आदित्यनाथ, गोरक्षपीठ उत्तराधिकारी
keyword: makar sankranti
नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गुगल सर्च से ली गई है, यदि किसी फोटो पर किसी को आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगीा
पौष शुक्ल तृतीया दिन सोमवार दिनांक 14 जनवरी, 2013 को दिन में 12.55 मिनट पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर संक्रान्ति का पुण्यकाल 8 घण्टे पूर्व तथा 8 घण्टे पश्चात् तक रहेगा। इस प्रकार निर्विवाद रूप से 14 जनवरी, 2013 को ही ‘मकर संक्रान्ति’ का पर्व मनाया जायेगा। इसके साथ ही शिवावतार भगवान गोरखनाथजी की पावन साधना स्थली श्रीगोरखनाथ मन्दिर में 1 माह तक लगने वाला मेला भी प्रारम्भ हो जायेगा। 1 माह तक चलने वाले इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक मेले में 22 जनवरी को बुढ़वा मंगलवार के अलावा 26 जनवरी, 27 जनवरी, 29 जनवरी, 30 जनवरी, 10 फरवरी को मौनी अमावस्या तथा 15 फरवरी को बसंत पंचमी पर मन्दिर और मेला परिक्षेत्र में विशेष भीड़ होगी। मेले की व्यवस्था को सकुशल सम्पन्न कराने की दृष्टि से श्रद्घालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जहां इस अवसर पर मन्दिर प्रशासन की ओर से पूरी व्यवस्था की जा रही है वहीं प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन सहित जन सुविधा प्रदान करने वाली जिम्मेदार संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर इस सम्पूर्ण आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 27 दिसम्बर, 2012 को प्रथम बैठक सम्पन्न हो चुकी है। 7 जनवरी को पुन: दूसरी बैठक होगी जिसमें सभी कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन को सकुशल सम्पन्न कराने के बारे में सबकी जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
योगी आदित्यनाथ, गोरक्षपीठ उत्तराधिकारी
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टिप्पणियाँ

हार्दिक आभार @मोहन भागवत जी-अब और बंटवारा नहीं
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