हस्तरेखा: मणिबंध से जीवन विचार

शुक्र-चंद्र पर्वत के नीचे हथेली के प्रारंभ में मणिबंध का स्थान होता है। मणिबंध से हथेली का प्रारंभ होता है। किसी-किसी जातक के हाथ में दो रेखा, किसी में तीन और किसी में चार रेखाएं होती हैं। इस स्थान को केतु पर्वत भी कहते हैं। यहां हम मणिबंध के रूप, बनावट आदि के फल पर विचार करेंगे।


मणिबंध के प्रकार: मणिबंध छह प्रकार के होते हैं- 1- स्पष्ट या निगूढ़। 2- मजबूत। 3- संधि मणिबंध। 4- हीन। 5- शिथिल। 6- सशब्द।

स्पष्ट का फल: यह मणिबंध स्थान में समुचित परिमाण में होकर हथेली एवं मणिबंध को एक धरातल में रखता है। इससे साबित होता है कि यहां कोई संधि नहीं है। अत: ऐसे व्यक्ति राजा या राजा के समान सुख एवं ऐश्वर्य, मान-प्रतिष्ठा प्राप्त करते हैं तथा स्त्री भी योग्य एवं सुन्दर प्राप्त होती है।

2- दृढ़ मणिबंध: यह देखने में सुन्दर होता है तथा इसका गठन मजबूत एवं अच्छा होता है। ऐसे जातक परिश्रमी, उद्योगी, सुखी, ऐश्वर्य युक्त होकर बड़े परिवार के होते हैं तथा समाज में प्रतिष्ठा अच्छी रहती है।

3- संधि मणिबंध: यह उत्तम रीति से मिला हुआ रहता है तथा ठीक से संधि मालूम नहीं होती। ऐसे जातक का मणिबंध धरातल में होता है। तथा जीवन में परिवर्तन होता है। ऐसे व्यक्ति भी राज कार्य करने वाले होते हैं। विद्वान, नीति परायण, बुद्धिमान एवं यशस्वी होते हैं।

4- हीन मणिबंध: इसका जोड़ ढीला होता है। ऐसा ज्ञात होता है कि मणिबंध है ही नहीं। इसे हीन मणिबंध कहते हैं। ऐसे जातक का हाथ कट जाता है। ये भाग्यहीन, निर्धन, रोगी, कमजोर एवं अन्य लक्षणों के अशुभ होने पर चोर एवं राजदंड के भागी होते हैं।

5- शिथिल मणिबंध: यह अत्यंत कोमल एवं शिथिल होता है। परिश्रम से भागते हैं। मणिबंध इतना ढीला दिखता है कि झटका या जोर पड़ने पर कामयाब नहीं रहता। जातक को दु:ख भोगना पड़ता है तथा आर्थिक परेशानी के कारण असत कार्य करना पड़ता है। जेल की यात्रा भी होती है।

6- सशब्द मणिबंध: यह मणिबंध जरा सा हाथ इधर-उधर करने पर मणिबंध से कट-कट की आवाज आती है। ऐसे मणिबंध वाले भाग्यहीन होते हैं। जीवन कलहपूर्ण होता है। जीवन में दुर्घटना आदि की आशंकाएं बनी रहती हैं। उन्नति में तमाम तरह के व्यवधान आते हैं। सदैव धन की कमी बनी रहती है। अथक परिश्रम करने के बाद भी आवश्यकता की पूर्ति नहीं हो पाती। हानि एवं परेशानी युक्त जीवन जीता है।
कृष्ण मुरारी पाठक

keyword: hastrekha

नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गुगल सर्च से ली गई है, यदि किसी फोटो पर किसी को आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगीा

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

gajadhardwivedi@gmail.com