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प्रस्तुतकर्ता
Karupath
को
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आकाश मंडल में दिखने वाले सभी ग्रहों में शनि तेजहीन और अकेले राह चलने वाला ग्रह है। इसकी गति अन्य ग्रहों की तुलना में कम है। नौ ग्रहों में शनि को सेवक का दर्जा मिला है। शनि मंद गति के कारण फल देने में विलम्ब करता है। शनि के पास लगन व शांति का गुड़ है। शनि जातक पर पूर्ण अधिकार जमाकर गति करता है। जीवन का अंत व मृत्यु शनि से देखा जाता है। शनि की मकर राशि नैसर्गिक कुण्डली में दशम भाव में आती है। दशम स्थान कर्म का निर्देश देता है, इसलिए शनि सर्वदा कार्य करने वाला, मेहनत करने वाला और अपमान सहकर भी कार्य का संपादन करने वाला ग्रह है।
गुण- शनि धीमी गति वाला है इसलिए कार्यशक्ति उत्तम है और सोच-समझकर मंद गति से कार्य करने के कारण आलसी प्रतीत होता है। यह निर्विकारी है और सुखों में कमी करता है।
शरीर के हिस्से- शनि कठिनाइयों पर अधिकार रखता है। इसलिए शरीर की अस्थियों पर इसका अधिकार है। शनि की मकर राशि नैसर्गिक कुण्डली में दशम भावगत है इसलिए इस भाव से निर्देशित होने वाल भाग- घुटना पर यह प्रभाव जमाता है। उसकी दूसरी राशि नैसर्गिक कुण्डली में एकादश भाव में आती है। यह वायु तत्व राशि होने के नाते कान (पुरुषों का बायां व महिलाओं का दायां) पर शनि का अधिकार है।
बीमारियां- शनि मंद गति वाला है अत: लम्बे समय तक चलने वाली बीमारियां जैसे लकवा, अस्थमा, कैंसर, दांतों के रोग, पायरिया, वेवक्त बुढ़ापा, हमेशा तकलीफ देने वाली त्वचा की बीमारियां, रूखी त्वचा, हड्डियों का टूटना, कमजोर होना, कैल्शियम की कमी, बाल झड़ना, कान बहना, बहरापन, जोड़ों में दर्द, ठंडी के कारण सर्दी, जुकाम, सायनस आदि बीमारियों से शनि का संबंध है।
कारोबार- शनि सेवक है अत: हल्के दर्जे के काम, चमड़े का कारोबार, इतिहास की खोज, म्यूजियम, श्मशान, शव चिकित्सा, परिवार नियोजन केन्द्र, बर्फ, फ्रिज, एयर कंडीशनर, शीतगृह का कारोबार शनि के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
उत्पाद- शनि मृत्यु दर्शक ग्रह है इसलिए जानवरों की मृत्यु के बाद चमड़े से बनने वाले जूते, बैग, जानवरों के बालों व हड्डियों से बनने वाली वस्तुएं, अपाहिजों के लिए प्रयुक्त साधनों का निर्माण शनि के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
स्थान- घने जंगल, गुफाएं, गटर, अंधेरा स्थान, ऊंचे पर्वत की चोटियां, बर्फ, आइसक्रीम के कारखाने, घर में कचड़ा का कोना, रसोई में ड्रेनेज पाइप पर इसका अधिकार है।
जानवर व पेड़-पौधे- चूहे, छिपकली जैसे जानवर तथा कठिन छिलके वाले स्वादहीन फल- सुपाड़ी, करेले व कंदमूल आदि पर इसका अधिकार है।
keyword: shani grah
नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गुगल सर्च से ली गई है, यदि किसी फोटो पर किसी को आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगीा
गुण- शनि धीमी गति वाला है इसलिए कार्यशक्ति उत्तम है और सोच-समझकर मंद गति से कार्य करने के कारण आलसी प्रतीत होता है। यह निर्विकारी है और सुखों में कमी करता है।
शरीर के हिस्से- शनि कठिनाइयों पर अधिकार रखता है। इसलिए शरीर की अस्थियों पर इसका अधिकार है। शनि की मकर राशि नैसर्गिक कुण्डली में दशम भावगत है इसलिए इस भाव से निर्देशित होने वाल भाग- घुटना पर यह प्रभाव जमाता है। उसकी दूसरी राशि नैसर्गिक कुण्डली में एकादश भाव में आती है। यह वायु तत्व राशि होने के नाते कान (पुरुषों का बायां व महिलाओं का दायां) पर शनि का अधिकार है।
बीमारियां- शनि मंद गति वाला है अत: लम्बे समय तक चलने वाली बीमारियां जैसे लकवा, अस्थमा, कैंसर, दांतों के रोग, पायरिया, वेवक्त बुढ़ापा, हमेशा तकलीफ देने वाली त्वचा की बीमारियां, रूखी त्वचा, हड्डियों का टूटना, कमजोर होना, कैल्शियम की कमी, बाल झड़ना, कान बहना, बहरापन, जोड़ों में दर्द, ठंडी के कारण सर्दी, जुकाम, सायनस आदि बीमारियों से शनि का संबंध है।
कारोबार- शनि सेवक है अत: हल्के दर्जे के काम, चमड़े का कारोबार, इतिहास की खोज, म्यूजियम, श्मशान, शव चिकित्सा, परिवार नियोजन केन्द्र, बर्फ, फ्रिज, एयर कंडीशनर, शीतगृह का कारोबार शनि के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
उत्पाद- शनि मृत्यु दर्शक ग्रह है इसलिए जानवरों की मृत्यु के बाद चमड़े से बनने वाले जूते, बैग, जानवरों के बालों व हड्डियों से बनने वाली वस्तुएं, अपाहिजों के लिए प्रयुक्त साधनों का निर्माण शनि के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
स्थान- घने जंगल, गुफाएं, गटर, अंधेरा स्थान, ऊंचे पर्वत की चोटियां, बर्फ, आइसक्रीम के कारखाने, घर में कचड़ा का कोना, रसोई में ड्रेनेज पाइप पर इसका अधिकार है।
जानवर व पेड़-पौधे- चूहे, छिपकली जैसे जानवर तथा कठिन छिलके वाले स्वादहीन फल- सुपाड़ी, करेले व कंदमूल आदि पर इसका अधिकार है।
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टिप्पणियाँ

Bahut hi achha lekh hai...Jai Ho Shani Dev Ki...!!!
जवाब देंहटाएंthanks jitendra
हटाएंthank you.
जवाब देंहटाएंthanks indu
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