सूरज की सातों किरणें उतरीं गुरु गोरख के आंगन में

सूर्य के उत्तरायण होने में अभी तीन दिन शेष हैं। लेकिन उनके स्वागत में उनकी सभी सातों रंग की रश्मियों ने गोरखनाथ मंदिर में डेरा डाल दिया है। मंदिर का माहौल सतरंगी हो गया है। पूरा मेला परिसर आस्था व उत्साह की आभा से दमक रहा है। गुरु गोरक्षनाथ मंदिर आस्था व मनोरंजन का संगम बन चुका है। देश के कोने- कोने से दुकानें आई हैं। मेला सजकर तैयार है।
मकर राशि में सूर्य के प्रवेश करने के दिन को मकर संक्रांति के रूप में मनाते हैं। मकर संक्रांति 15 जनवरी को है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और सभी शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। मकर संक्रांति का महत्व इस बात से भी पता चलता है कि भीष्म पितामह ने अपना शरीर त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा की थी।
मकर संक्रांति पर गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा खिचड़ी मेला लगता है। यह मेला एक माह से ज्यादा समय तक चलता है। लगभग दस एकड़ में फैले मेला मैदान को एक अलग मनोरंजक व सांस्कृतिक शहर बनाने की कोशिश की गई है। मंदिर परिसर में श्रद्धा भारी है तो बगल के मैदान में लगे मेले में पूरी तरह मस्ती का माहौल। चौड़े-चौड़े रास्तों के अगल-बगल ढेर सारे मनोरंजन के साधन, छोटे-बड़े झूले, चर्खी, मौत का कुंआं, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें, फोटो गैलरी, घेरलू सामग्रियों, खाजा व चाय-पकौड़ों की भारी संख्या में दुकानें स्वागत के लिए तैयार हैं। यदि दक्षिण भारतीय व्यंजनों का चाव है तो वह भी पूरा होगा। अनेक दुकानें लेकर कानपुर व उन्नाव से कारीगर आए हैं। मेला में छोटे-बड़े, महिला, पुरुष सभी की जरूरतों के सामान उपलब्ध हैं। निशानेबाजी के शौकीन हैं तो यह जरूरत भी पूरी होगी। मौत के कुआं में जान जोखिम में डालकर कलाकार आपको हैरतअंगेज कारनामे दिखाएंगे। ऐसे शीशे भी हैं जिनमें आप अपने आपको देखकर बिना हंसे नहीं रह सकेंगे। अलग-अलग दुकानों में रोजमर्रा की जरूरत की करीब हर चीज लोगों की जेब के अनुसार मौजूद हैं। चंद घंटों के लिए दुनियां-जहान को भुला देने वाली हर चीज यहां मौजूद है। दुकानों व झूलों पर लगे लाउडस्पीकरों का स्वर तेज हो गया है।
गोरक्षपीठ उत्तराधकारी व सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खिचड़ी मेला की तैयारी पूरी हो चुकी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर श्रद्धालु को सुविधाजनक दर्शन कराने के लिए मंदिर के पंद्रह सौ स्वयंसेवक लगाए गए हैं। एक मुख्य थाना सहित छह सुरक्षा चौकियां स्थापित हो चुकी हैं। मंदिर प्रशासन ने पूरे परिसर में 25 सीसी टीवी कैमरे लगाए हैं, जिला प्रशासन भी कुछ कैमरे लगवाएगा। छह टावर हैं जिनपर चौबीस घंटे सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे। अभी तक तीन कंपनी पीएसी आ चुकी है। एटीएस के कमांडो पहले से ही लगे हुए हैं।


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