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प्रस्तुतकर्ता
Karupath
को
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ब्रह्म्वैवर्त पुराण में लिखा है- अश्वमेध फलं चैव लक्ष गोदानजं फलम्। प्राप्नोति स्नानमात्रेण गोदायां सिंहगे गुरौ।। अर्थात जिस दिन वृहस्पति सिंह राशि पर स्थित हों, उस समय गोदावरी में केवल स्नान मात्र से ही मनुष्य अश्वमेध यज्ञ करने का तथा एक लाख गोदान करने का पुण्य प्राप्त करता है।
-आचार्य शरदचंद्र मिश्र
Keywords: hindu
नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गूगल खोज से ली गई हैं, यदि किसी फोटो पर किसी को कॉपीराइट विषय पर आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगी।
-आचार्य शरदचंद्र मिश्र
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टिप्पणियाँ

Dhanyavaad share karne ke liye.. :)
जवाब देंहटाएंthanks uttpal
हटाएंThanks for sharing this piece of wisdom!
जवाब देंहटाएंthanks alok
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