- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
प्रस्तुतकर्ता
Karupath
को
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
समाधि की अवस्था में मन ध्येय विषय पर इतना लीन हो जाता है कि उसे स्वयं का कुछ भी ध्यान नहीं रहता है। इसका अर्थ है ध्येय विषय में डूबकर अपने को खो देना।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र
Keywords: yoga
नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गूगल खोज से ली गई हैं, यदि किसी फोटो पर किसी को कॉपीराइट विषय पर आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगी।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र
Keywords: yoga
नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गूगल खोज से ली गई हैं, यदि किसी फोटो पर किसी को कॉपीराइट विषय पर आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगी।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
gajadhardwivedi@gmail.com